शहर बदल सकते हैं राज्य बदल सकते हैं
प्यार करने वाले साम्राज्य बदल सकते हैं
जब तक रहा मैं, जिन्दगी मेला रही
जिंदा लोग जिंदगी का भाग्य बदल सकते हैं
वैराग्य ले लिया उनके जाने के बाद
जो रहे जिन्दगी भर आमोद से, वैराग्य बदल सकते हैं
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जिस्म रूह पर ऐसे है पुरानी किताब पर जिल्द चढ़ी हो जैसे उम्र बढ़ रही है तो वो कोने जो अक्सर अलमारी से रगड़ खाते है छिल जाते हैं इस जिल...
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बुझती आँखों को अब क्या ख्वाब दिखाना चाहिए? रात के मुसाफिर को अब घर आ जाना चाहिए !! खुश्क मौसम की सर्द रातें अब मुझको सताती हैं जो रात को उठ...
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शहर बदल सकते हैं राज्य बदल सकते हैं प्यार करने वाले साम्राज्य बदल सकते हैं जब तक रहा मैं, जिन्दगी मेला रही जिंदा लोग जिंदगी का भाग्य बदल सकत...
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1 टिप्पणी:
अच्छी कवितायें हैं हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है।
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