ख़फ़ा
Popular Posts
मंगलवार, 21 अगस्त 2007
आमोद
शहर बदल सकते हैं राज्य बदल सकते हैं
प्यार करने वाले साम्राज्य बदल सकते हैं
जब तक रहा मैं, जिन्दगी मेला रही
जिंदा लोग जिंदगी का भाग्य बदल सकते हैं
वैराग्य ले लिया उनके जाने के बाद
जो रहे जिन्दगी भर आमोद से, वैराग्य बदल सकते हैं
1 टिप्पणी:
उन्मुक्त
ने कहा…
अच्छी कवितायें हैं हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है।
21 अगस्त 2007 को 10:11 pm बजे
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
1 टिप्पणी:
अच्छी कवितायें हैं हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है।
एक टिप्पणी भेजें